हिन्दी भाषा की दुर्दशा भारत में



भारत और विज्ञान का प्राचीनतम रिश्ता है। प्राचीन ग्रंथो और वेदों के अनुसार भारतीय विज्ञान और सभ्यता एक दूसरे के समानांतर रहे हैं। यहाँ की सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यता है जोकि सभी सभ्यताओं की जड़ मानी जाती है। भारत आदिकाल से ही जगद्गुरु के नाम से जाना जाता रहा है। Science के field में  India हमेशा से ही आगे रहा है।

            आज का आधूनिक science आपको जहाँ तक ले के जाता है वह सब लाखों वर्ष पूर्व ही हमारे वेदों में निहित है।Ayabhatta, Ramanujam, Charak, Susurt आदि महान Scientist India में हुए हैं जिन्होंने इस दुनिया को नई दिशा दी और जीवन जीने तरीका बताया। इसका मुख्य कारण था भाषा| उन्होंने अपनी भाषा में ज्ञान अर्जित किया और उसको पूरे विश्व भर में फैलाया|

भारतेन्दु हरीशचंद्र के अनुसार:-

 “निज़ भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौ मूल”

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