Getting things done part 5

Doing: Making the Best Action


Choices अपने टास्क को organize करना बहुत इम्पोर्टेन्ट होता है. ये आपको अपने अधूरे काम के बारे में चिंता किए बिना शांति से बैठकर काम पर फोकस करने में मदद करती है. अधूरे काम हमेशा चिंता और ध्यान भटकाने का कारण बनते हैं और ये तब तक आपको परेशान करते रहेंगे जब तक आपके पास एक ऐसा सिस्टम नहीं होता जहां आप उसे पूरा करने के बारे में प्लान नहीं करते. जब आप अपना सारा काम एक जगह इकट्ठा कर लेते हैं तो आपको उन्हें अलग-अलग केटेगरी में डिवाइड करना है. इस केटेगरी में आपके प्रोजेक्ट, कैलेंडर इवेंट, अगले एक्शन की लिस्ट, वेटिंग लिस्ट और someday लिस्ट यानी किसी और दिन करने वाली लिस्ट शामिल हैं.

आपके प्रोजेक्ट लिस्ट में वो सभी टास्क शामिल होते हैं जिन्हें पूरा करने के लिए एक से ज़्यादा स्टेप्स की ज़रुरत होती है.आपके कैलेंडर में वो सभी टास्क लिखे जाने चाहिए जिन्हें आपको एक ख़ास तारीख को ही परा करना है. आपकी एक्शन लिस्ट में उस काम को लिखा जाएगा जिसके लिए आपको एक्शन लेने की ज़रुरत है. बाकी सभी लिस्ट के लिए आप एक फ़ोल्डर, planner या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

आप जो भी इस्तेमाल करने का फ़ैसला करते हैं, आपको बस इतना ध्यान रखना होगा कि आपको हर केटेगरी को एक दूसरे से अलग रखना है. इसका मतलब है कि आप एक ही टास्क को दो केटेगरी में नहीं लिख सकते. अगर आपने ऐसा किया तो ये सिर्फ़ आपको कंफ्यूज करेगा और आपको लगेगा कि इस सिस्टम में ही कोई गड़बड़ी है.

एग्जांपल के लिए, एक्शन लिस्ट को लेते हैं. इस लिस्ट में वो सभी काम शामिल होने चाहिए जिन्हें एक बार में ही पूरा करने की ज़रुरत है जैसे घर के काम, फोन कॉल करना, कंप्यूटर पर किए जाने वाले काम वगैरह.

हर काम को केटेगरी में बॉट कर आप समय और मेहनत दोनों को बचाते हैं. एग्ज़ाम्पल के लिए, जब आप उन सभी टास्क को एक फ़ोल्डर में डालते हैं जिनके लिए कंप्यूटर की ज़रुरत है, तो जब भी आपको कंप्यूटर पर काम करने का समय मिले तो आप उस फ़ोल्डर को खोलकर अपना काम तुरंत शुरू कर सकते हैं. आपको अपना सारा काम एक बार में ही मिल जाएगा. इस तरह आप कभी भी किसी भी काम के बारे में भूलेंगे नहीं.

केटेगरी बनाने के बाद भी आप टास्क को छोटे छोटे केटेगरी, जिन्हें sub category कहा जाता है, उसमें बाँट सकते हैं. जैसे अपने कंप्यूटर टास्क के लिए आप ऑनलाइन और ऑनलाइन टेस्ट के दो छोटे केटेगरी बना सकते हैं. ये केटेगरी काम करना बहुत आसान बना देते हैं.

इमेजिन कीजिए कि आप travel कर रहे हैं और उस वक़्त आपके पास इंटरनेट की सुविधा मौजूद नहीं है, तो फ्लाइट में बैठे-बैठे आप अपने ऑनलाइन टास्क को पूरा कर सकते हैं.हर चीज़ को केटेगरी में बांटने से आपको आर्गनाइज्ड होने में मदद मिलेगी, आप कभी भी कोई इम्पोर्टेन्ट काम भूलेंगे नहीं. तब आप स्टेस महसस नहीं करेंगे क्योंकि तब आपकी बिजी लाइफ आपके कंट्रोल में होगी. 

कॉन्क्लूज़न


क्योंकि समय तेज़ी से बदल रहा है इसलिए हमारे जॉब के बारे में भी ठीक से कुछ कहा नहीं जा सकता. आज भी दिन में 24 घंटे का वक़्त ही मिलता है लेकिन काम का लोड इतना बढ़ गया है कि ये वक़्त भी कम पड़ने लगा है. देखिए हम समय को तो नहीं बढ़ा सकते लेकिन स्मार्टली काम कर कम समय में ज़्यादा काम पूरा ज़रूर कर सकते हैं. आजकल जब आप कोई जॉब ज्वाइन करते हैं तो आपसे ये उम्मीद की जाती है कि आपको अपना टारगेट पूरा करना है लेकिन अक्सर ये समझ ही नहीं आता कि आखिर आपकी ज़िम्मेदारियाँ हैं क्या. हर नया दिन पहले दिन से ज़्यादा मुश्किल लगने लगता है. दिन-ब-दिन हमारे काम की लिस्ट लंबी होती जा रही है और हमारा दिन इसी उलझन में बीत जाता है कि काम को पूरा करें तो कैसे करें.

ये बुक इन सभी प्रोबलम्स के solution के रूप में सामने आई है. अपने organizing मेथड से इसने कई सक्सेसफुल लोगों की जिंदगी को बदला है. इस बुक में आपने सीखा कि जिंदगी में नई ज़िम्मेदारियों का सामना कैसे करें. आपने समझा कि अपने लाइफ में सब कुछ organize कर के आप कम समय में अच्छे से फोकस कर ज़्यादा काम कर सकते हैं.

आपने फिजिकल और मेंटल तरीके से चीज़ों को इकट्ठा करने के बारे में जाना. एक बार जब आपके पास एक ऐसा organizing सिस्टम होता है जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं, तो बाकी सब कुछ आसान हो जाता है. तब आप बेफ़िक्र होकर अपने काम पर फोकस कर सकते हैं क्योंकि आप जानते हैं कि आपने हर चीज़ को ठीक से मैनेज कर लिया है. इसलिए चिल करें और अपने हार्ड वर्क से आप जो कुछ अचीव करते हैं उसे खुलकर एन्जॉय करें और याद रखें आपको ज़्यादा देर तक काम नहीं करना है बल्कि स्मार्ट तरीके से कम समय में ज़्यादा काम करना है.

आपको ये बुक कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताएं।
अगर आप इस बुक को खरीदना चाहते हैं तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-
2015 edition  Getting Things Done 
Updated edition


No comments:

Post a comment